1. खुदा-ए-इश्क ने किया ऐसा कमाल
जिसे कोई सोच ना पाया
दिया हमारे पापों के लिए ऐसा बलिदान
जिसे अब तक कोई समझ ना पाया।
2. आजादी मुफ्त में नहीं
परन्तु यीशु के बलिदान से मिली है,
ना खोना इस आजादी को
पापों की दरिया में डूब कर ऐ दोस्तों
क्युकी आजादी से बंधन में जाना सबसे बड़ी बेवकूफी है ।
3. गुनाह हमारे उठा लिए उसने उस क्रूस पर
गाड़ा हमारे पापों को उस कब्र के अन्दर
जिलाया उसने हमें अपने आत्मा देकर
उस खुदा से दूर ना होना यारो
जिसने प्यार किया तुमसे
अपने लहू का एक-एक कतरा बहाकर ।
4. चला था मसीहा इस कदर
की शैतान कॉप उठा था,
लेने हमारे पापों को क्रूस पर
वह कांटों की राह में चला था,
खाए थे कोड़े अपने जिस्म पर
फिर भी वो ना टुटा था,
प्यार था ये उसका हमारे लिए
इसलिए क्रूस को भी उसने अपने सिने से लगा लिया था ।
5. ना जीना यहाँ सर्कस के बाशिंदों जैसा
छुड़ाया है उसने तुझे अपना लहू देकर,
खाया कोड़े उस यहूदा के शेर ने ऐसा
मौल चुकाया तेरे रिहाई का काँटों का मुकुट पहनकर ।
6. है ये जीवन खुदा का दान
इस दान के लिए किया उसने अपना बेटा बलिदान,
नहीं करता कोई इतना प्यार
की खुद सलीब पर हो जाये कुर्बान,
ना लुटाओ अपनी जिंदगी दुनिया के मोह में
नहीं तो रह जाओगे खुदावंद यीशु के प्यार से अनजान ।
7. कब्र से शुरू होती है नयी दास्ताँ हमारी
कब्र से जुडी है एक कहानी
क्युकी जब गया मसीहा कब्र में
तो उसने वहाँ से स्वर्ग की राह निकाली ।
8. गुनाहों को मेरे सलीब पर वो ले चला
कतरा-कतरा उसके लहू का बेह चला
बनाने मनुष्य और स्वर्ग के बिच रास्ता
मेरा मसीहा कोड़े खा-खा के चला ।
9. जिस खुदा को हमने कोषा
उसी ने हमे आजादी दिलाया,
भुला कर आज भी हमारी गलतियों को
उसने हमे अपनाया,
खुद कोड़े खाकर हमारे
पापों के लिए यीशु ने क्रूस उठाया ।
10. कुछ संसार की चीजों के लिए
भूल ना जाना उस खुदा को
जिसने तुझे आशीष से भरा,
तुझे आशीष देने के लिए
यीशु ने अपने खून से – आशीष के प्याले को भरा ।
11. देवदास बना पियक्कड़ पारो की खातिर
रोमियो हूँ आ शहीद जूलिएट के खातिर
मजनूँ हूँ आ बर्बाद लैला के खातिर
लेकिन मेरा मसीहा हूँ आ सलीब पर कुर्बान
हमारे पापों के खातिर ।
12. राहत मिलती है ख़ुदावन यीशु के आँगन में
दूर हो जाते है सारे गम उसके शरण में,
सलीब पर लिया सारे पापों को उसने
हमारे पापों की रिहाई है उस सलीब में,
कतरा बहा दिया अपने लहू का उसने
पाई चंगाई हमने उसके लहू में ।
13. शब्दों से बनी यह धरती, शब्दों से बना यह आसमान,
रचा मनुष्य को अपने हाथों से, लेकिन मनुष्यों ने ना जाना उसका ज्ञान,
खाए उसने किल्हे अपने उन्हीं हाथों पर
सह कर दर्द हूँ आ वह हमारे लिए बलिदान ।
14. गुनाह मेरे किये उसने माफ़
सलीब पर मिटाया उसने सारे दाग,
अब ना हूँ मैं पाप की बंदिशों में फसा
पाया यीशु मसीह में नया जीवनदान ।
15. लाल श्याही से पाठशाला में
जहा परीक्षा के निकाल में मेरी जिंदगी बिगड़ जाती थी,
आज यीशु के लाल लहू द्वारा
जीवन के कठिन पलो में
मेरी जिंदगी संवर जाती है ।
16. मसीहा ने कर दिया ऐसा कारनामा
शैतान का कर दिया मुंह काला,
लेके क्रूस पर हमारे हर एक गुनाहों का बोझ
शैतान की सारी सत्ता को हिला डाला ।
17. डूबे हूँ ए थे हम गुनाह के बोझ से
उस बोझ को मसीहा ने क्रूस पर ले लिया,
जो काम कोई और ना कर सका
वह कारनामा मेरे यीशु ने कर दिया ।
18. कहा खो गये थे हम
जो ना देख सके मसीहा के प्यार को,
हर समय हर पल खड़ा था वह हमारे संग
और हम समझ ना पाये उसके बलिदान को ।
19. नापाक थे हम
किया पाक खुदावन यीशु ने हमे,
मिटाकर सारे दोषों को
साफ़ किया हमे,
खुद को सलीब पर जान गवाकर
सलीब की मौत से आजाद किया हमे।
20. था वो शेर यहूदा का
बना वह सलीब पर मेमना,
होकर खुदा इस जहाँ का यीशु
पड़ा उसे हमारे पापों की खातिर
कोड़ो की मार को सहना ।
21. चला था मसीहा इस कदर
की शैतान काँप उठा था,
तोड़ने पापों के बंधन
उसने काटो का ताज पहना था,
खाये थे उसने कोड़े अपने जिस्म पर
फिर भी वो ना टुटा था,
प्यार था उसका ये हमारे लिए
इसलिए उसने क्रूस को अपने सीने से लगा रखा था।
22. कीमती है लहू मेरे मसीहा का
ना उसे व्यर्थ में गवाओ,
पाप से छुटकारा पाकर
ना फिर पापों में फंस जाओ,
पवित्र है उसका लहू
अपनाकर उसे
उद्धार का जीवन पाओ ।
23. चला था जब मसीह क्रूस को लेकर
पसीने शैतान के छूट गए थे,
चढ़ाया गया था जब मसीह को क्रूस पर
होश शैतान के उड़ गए थे,
क्योंकि खुद की जान उस क्रूस पर देकर
यीशु मसीह ने स्वर्ग के दरवाजे हमारे लिए खोल दिये थे।
24. हूँआ मसीहा नापाक सलीब पर
आजाद हमे पाप के बंदिशों से करने के लिए,
कतरा-कतरा लहू का बहा दिया उसने
स्वर्ग की राह हमारे खातिर बनाने के लिए,
ना जुडो फिर बंदिशों में
शैतान ताक लगाये खड़ा है
तुम्हें मिटाने के लिए,
जानो प्यार ख़ुदावन का
यीशु खड़ा है अपने बाहें फैलाये
हमे अपनाने के लिए ।
25. चढ़ाया गया मसीहा सलीब पर हजारों के बिच में
पाया उसका प्यार सारे जगत के लोगो ने,
दी उसने हमे आज़ादी हर एक श्रापों से
दिखा दिया उसने हमे है वह सच्चा खुदा इस दुनिया में ।
26. यारो खुदा की रहनुमाई को देखो
उसके गहरे प्यार को तो देखो,
डूब कर बच जाओगे उसके प्यार में
एक बार इस समुन्दर में उतर कर तो देखो ।
27. यीशु का प्यार है निराला
उसके लहू ने सारे पापों को है धो डाला,
अरे अब क्या है मरना
मेरे यीशु ने मौत को भी है चीर डाला ।
28. यीशु है प्यार की पहचान
उसका बलिदान है प्यार की शान
ना कर पायेगा कोई प्यार उसके समान
वह है खुदा-ए-इश्क
जिसमे हम पाते है प्यार का सच्चा ज्ञान ।
29. खुदा-ए-इश्क है वह, उसके जैसा प्यार कहा?
जब निकलोगे ढूंढने कोई और प्यार
तो ये बताओ तुम जाओगे कहा?
अनंत-कालीन प्रेम है उसका वादा
ऐसा वादा तुम पाओगे कहा?
30. धोका सिर्फ यहूदा ने नहीं
हमने भी दिया उसे
फिर भी करता यीशु माफ़ हमें,
भुलाकर हमारे पापों को
गले से लगाता वो हमें
31. सुन ले मेरी दुआ ए खुदा
तेरी रहमत के लिए मैं हूँ रुका,
बरसा दे अपनी प्यार की बरसात
तेरे ही कदमों पर मेरा सिर है झुका ।
32. खुदा के प्यार से जीत लो इस दुनिया को जरा
ढूँढ रहे है कल प्यार लोग सोशल मिडिया में,
ए सोने वालो जाग जाओ जरा
निकालो अपने कदम घर से बहार
और देखो कितने दिल बिखरे है यहाँ,
किया है यीशु ने प्यार तुम्हें
उस प्यार को इस शहर में बांटो जरा ।
33. दिल ना लगाओ उस से
जिसने इश्क को एक खेल जान लिया
दिल लगाओ उस खुदा से
जिसने इश्क-ए-दास्ताँ सलीब पर रच दिया ।
34. है खुदा का प्यार इतना महान
की उसे कोई कलम या जुबां बयान ना कर पाए,
जाये वो सितारों से ऊँचा चीरे वो नर्क की गहराई को
जिसके सामने दोषी भी रिहायत पाये,
दिया खुदा ने अपना इकलौता बेटा
जिसमे हम अपने पापों से छुटकारा पाये ।
35. मौत का डर उस बंदे को है
जिसे खुद से अधिक लगाव हो,
मौत का डर उस बंदे को नहीं
जिसका प्यार यीशु मसीह हो ।
36. असीमित प्यार कहा तुम पाओगे
जहा जाओगे मतलब की दुनिया पाओगे,
मसीहा के शरण में आके देखो
सारे गम भूल जाओगे,
टूटे हूँए तुम्हारे दिल को
उसके असीमित प्यार से जुड़ता हूँआ पाओगे ।
37. कौन करेगा अलग मुझे खुदा के प्यार से
नहीं हिम्मत इस धरती और आसमान में,
ना मृत्यु ना जीवन में है वह ताकत
शैतान की क्या हिम्मत
जो ललकारे उसे खुले मैं दान में,
कोई टिक ना पायेगा उसके सामने
है उसके प्यार में इतनी ताकत
जो चिर के आ जाये घने तूफान में ।
38. जब खुदा-ए-इश्क अपनी प्यार की बरसात करता है
तब पत्थर दिल भी प्यार करना सिख जाते है,
टूटे हूँ ए दिल फिर जुड़कर उसकी महिमा गाते है
उसके प्यार में डूबकर पापी भी क्षमा पाते है ।
39. डूबे ना वह जो थामे हाथ मसीहा का
तूफान में भी वो चले जब साथ हो मसीहा का
कोई ताकत हमे रोक ना पाये
जब जाने हम प्यार मसीहा का ।
40. दिल क्या ये जान भी मसीहा की है
उसके प्रेम में ये जिंदगी कुर्बान भी है,
कहा पाओगे दुनिया से ऐसा प्यार
ये जिंदगी उसके प्यार बिना बर्बाद सी है ।
41. यीशु ने हमसे प्यार किया
तो क्यों ना हम लोगो से वैसा ही प्यार करे,
खड़े होकर सुख दुःख में पड़ोसी के
क्यों ना हम यीशु के नाम का प्रचार करे ।
42. ना बेह जाओ इस जहाँ के बहाव में
कही खो जाओगे,
बहना है तो बेह जाओ यीशु के प्यार में
सत्य मार्ग को पाओगे ।
43. खोये हूँ ये को मार्ग दिखाये
टूटे दिल को फिर जोड़ जाये,
आँखों से आशुं मिटाए
चेहरे पर मुस्कान लाये,
जिसने जाना यीशु के प्यार को
उसके पाप क्षमा हो जाये,
चले जब वह मसीहा के राह पर
अनंतकाल का जीवन पाये ।
44. प्यार की शुरुवात है यीशु
प्यार की परिभाषा है यीशु
प्यार की बुनियाद है यीशु
जिस से कभी मेरा दिल जुदा ना हो पाए
ऐसा प्यार है यीशु ।
45. मैं करूँ प्यार राजा यीशु को क्युकी किया है उसने प्यार मुझे,
बहा कर अपना लहू सलीब पर आजाद किया है हमे ।
46. खुदा-ए-इश्क है मेरा मसीहा
इश्क ना कर पायेगा उस जैसा कोई दूजा,
जान लुटा दी उसने हम पापियों को बचाने
नहीं किसी के प्यार में हिम्मत यीशु जैसा ।
47. प्यार की कीमत थी सलीब पर जान देना
प्यार की राह थी सलीब ले चलना
प्यार का दर्द था कोड़ो से मार खाना
उसके प्यार थे हम और
उसके प्यार को हम ने ना जाना ।
48. माफ़ी के काबिल ना था मैं
गुनाहों में डूबा हूँ आ था मैं,
पाया जब प्यार मसीहा का
हूँ आ सारे बंदिशों से आजाद मैं,
छोड़कर पापों की नगरी को
चला मसीहा के राह पर मैं ।
49. तेरे प्यार के जल के लिए है तरस रहा
प्यासा है यह दिल तेरे लिए ए मेरे खुदा,
ले चल मुझे अपने झरने के पास
तेरे ही दर पर है प्यार की भरपूरता – ए मेरे खुदा, ए मेरे यीशु आ ।
50. शुक्रिया करे यीशु जी तेरा हम
सजदे में तेरे ये मेरा शीश है झुका,
जो किया तूने प्यार ये बेइंतिहा
मेरा ये दिल हूँ आ तुझ पर फ़िदा ।
51. जब सारी दुनिया ने मुझे ठुकराया
यीशु ने मुझे अपनाया,
अपने बाँहों में लेके सारे दुःख को मिटाया
महिमा और आदर के योग्य है मसीहा
जिसने हमारे खातिर अपना लहू बहाया ।
52. हर एक आँसू को उसने मुस्कान में बदल दिया
हर एक कमजोर को उसने बलवान में बदल दिया
प्यार का समुन्दर बहा कर मेरे मसीहा ने
हमे उसका दीवाना कर दिया ।
53. दुनिया ने जब मेरा दिल तोडा
यीशु ने इसे फिर जोड़ा,
मिटा कर मेरे सारे दर्द को
उसके सच्चे प्यार से मेरा नाता जोड़ा ।
54. जब धरती थी सुनसान भर दिया उसे हरियाली से
जब जीवन था मेरा सुनसान – यीशु ने भर दिया उसे खुशहाली से ।
55. तू है दीवाना मसीहा का
तुझे कोई रोक ना पायेगा,
सीना ताने तू खड़ा होगा
और शैतान झुक जायेगा,
लेके यीशु का नाम
हर पल तू विजय पायेगा ।
56. जीवन है अधुरा बिना यीशु के प्यार से
एक कदम भी चल ना पाऊ बिना उसके साथ से,
पाया भी है नया जीवन उसमे मैंने
अब तो जीना और मरना भी है उसके नाम से ।
57. कहता है खुदा का कलाम
कर अपने बैरियो को माफ़
ना करे अगर तू माफ़
तो ना होगे तेरे भी दाग साफ़,
करो ऐसा माफ़ की ना रहे दिल में कोई इर्ष्या ना कोई दाग
भूलकर सारी बातो को, फैलाओ मसीह का प्यार ।
58. है अनुग्रह का समय कम
फेर लो अपने मन,
अपनाओ यीशु को पुरे दिल से
पश्चाताप कर जोड़ लो अपना रिश्ता मसीह संग ।
59. है झुकता मसीह के सजदे में मेरा ये शिश
करता है ये दिल वंदना उसकी
और गाता है उसके ही गीत,
है वह महान प्रतापी खुदा
वह है मेरे प्यार की संगीत ।
60. स्वर्ग की बरकत उसी को मिलती है
जो यीशु के वचनों पर चलते है,
तोड़ के समाज के बंधनों को
उसके असीमित प्यार को लिए चलते है,
रहमत बरसती है खुदा की उनपर
क्योंकि वो यीशु जी के नाम को दिल से लिए चलते है।
61. हम किसी पर दोष लगाने नहीं प्यार जताने आये है,
यीशु के प्यार से सबके दिलों को जीतने आये है,
पाप को हराकर पापियो को बंधनमुक्त कराने आये है,
शैतान के सर को कुचलकर
यीशु की जीत का परचम लहराने आये है।
62. है इंतज़ार मेरे इन आँखों को मसीहा
तेरे दर्शन पाने का,
है इंतज़ार मेरे इन कानों को मसीहा
तेरी आवाज सुन पाने का,
आ भी जा ऐ मेरे खुदा
है इंतज़ार मेरे रूह को तेरे रूह में समाने का।
63. दर्द भी भाग जाता है
जब नाम मेरे खुदावन यीशु का आता है,
पवित्र आत्मा से ये शरीर भर जाता है
जब मेरे यीशु का नाम इस दिल में बस जाता है।
64. ना कर बर्बाद ये जीवन
सांसारिक प्यार के लिए,
देख खुदावन यीशु के प्यार की तरफ
बहा दिया लहू का एक-एक कतरा
अपना प्यार तुझे दर्शाने के लिए।
65. डूबे ना वह जो थामे हाथ मसीहा का
तुफानो के ऊपर वह चले जब साथ हो मसीहा का,
कोई ताकत उसे रोक नहीं पायेगी
जिसने जाना प्यार यीशु मसीहा का।
66. खुशबू खुदावन यीशु के प्यार की फैलेगी तब
जब रहेंगे उसके बच्चे एक संग,
तोड़ कर भेदभाव की दीवार
फैलायेंगे प्यार के सुसमाचार का सच्चा रंग।
67. कहता है खुदा का कलाम
लफ़्ज़ों को ना समझो कम है उसमे बहूँ त दम,
है जीवन और मृत्यु का सामर्थ्य का इसमें,
जैसा करेगा तू प्यार उस से
वैसा ही पायेगा तू फल।
68. ख़ुदा-ए-इश्क़ है मेरा ईसा
उसके इश्क़ की क्या मैं मिसाल दु,
अल्फाज़ मेरे कम पड़ जायेंगे
उसके इश्क़ की मैं क्या बयान दु,
खुदा-ए-पाक होकर उसने
लहू बहाया हम पापियो के लिए
उसके इश्क़ पर मैं अपनी जाँनिसार दु।
69. नफरतों को जब दिल से निकालोगे
तब खुदा की आशीषों को पाओगे,
प्यार से तृप्त होकर
हर पल बस यीशु की महिमा गाओगे,
एकता में आकर
यीशु के नाम से संसार को जीत जाओगे।
70. प्यार मसीहा का कोई तौल ना पायेगा
कोई उस समान प्यार भी ना कर पायेगा,
ना त्यागो उसके प्यार को दुनिया में मौज के लिए
फिर दुबारा लहू बहाने वो नही आएगा।
71. मुहब्बत मसीह यीशु ने हम से इस कदर किया
खुदा होकर भी सलीब पर अपनी जान दे दिया,
रूबरू किया उसने हमे अब्बा पिता से
और पाक रूह से हमारी आत्मा को फिर जिला दिया,
पापों के दरिया से हमे निकालकर
स्वर्गीय आशीषों से हमे भर दिया।
72. क्यों है रूठा ए मनुष्य तू
अपनी ही अभिलाषा में क्यों फँसा है तू,
देख उस सलीब पर अपनी आँखें उठाकर
क्यों मसीहा के प्यार से मुड रहा है तू,
छुड़ाया है यीशु ने तुझे पापों के जाल से
क्यों फिर बोझ लिए चल रहा है तू,
जान ले ख़ुदावन के प्यार को
पायेगा शिफा उसके आँगन में तू ।
73. गाना बजाना तो हर कोई कर सकता है
लेकिन खुदा की उपस्थिति को लाता एक सच्चा आराधक ही है,
क्या ही बात होगी राजा दाविद की आराधना में
इसलिए तो वो खुदा के दिल के करीब कहलाया भी है,
जो करता है सच्चाई और आत्मा से आराधना
खुदा के करीब जाता वो ही है ।
74. है यीशु सबसे महान
जिसकी तुलना किसी से नहीं इस धरती और आसमान में,
उसके चरणों में झुककर करते है सब उसको प्रणाम
क्युकी उसके जैसा कोई राजा नहीं इस दुनिया में ।
75. वह राजा आया था गदहे पर बैठ के
सब राह पर पत्ते बिछाकर कह रहे थे होसन्ना-होसन्ना,
अब वापस आएगा अपने रथ पर बैठ कर वह
तब सब घुटनों पर आकर हाथ उठाकर कहेंगे होसन्ना-होसन्ना ।
76. वाद्य बजाते हूँ ए यीशु की महिमा करो
स्वर को उठा के यीशु की महिमा करो
गिर जायेंगे मुसीबतों के दीवार
परन्तु सच्चाई और आत्मा में उसकी आराधना करो ।
77. रात हो या दिन
हरदम मेरी जुबां पर हो यीशु जी का गीत,
ये दिल धडके उसके ही नाम से
और साँसे गुनगुनाये उसके ही गीत ।
78. यीशु के आराधक कभी रुकते नहीं
किसी भी पड़ाव में वह थकते नहीं,
हर पल जपते है वह नाम यीशु का
इसलिए कोई भी यारिहो की दीवार
उसके सामने टिकती नहीं ।
79. ताकत है आराधना में ऐसी
जो गिरा दे यारिहो के दीवार को,
अगर हम भी करे सच्चे दिल से यीशु की आराधना
तो क्यों ना पार करे हर एक आँधी तूफान को ।
80. जैसे हिरनी जल के नालो के लिए
वैसे मेरा दिल तरसे यीशु जी तेरे लिए,
अब आ भी जा ए मेरे खुदाया
मेरी रूह तरसे तेरी रूह में समाने के लिए ।
81. साँसे ले मेरी यीशु जी का नाम
चाहे सुबह हो या शाम,
गाऊंगा मैं उसी के गीत
चाहे हो दुःख की घडी या सुख का आराम ।
82. आओ करे आराधना उस खुदा की
जिसने हमे बचाया,
जान देकर सलीब पर
हमे गुनाहों से छुड़ाया,
करे हम सजदा उसके सामने
उसके प्यार में हमने नया जीवन है पाया ।
83. किया है प्यार मसीहा ने हमे
उसे यूँ ना ठुकराया करो,
जानो बलिदान खुदावंद यीशु का
और उसकी आराधना करो ।
84. करे ख़ुदावन की महिमा हम सुबह शाम
चाहे हो कितने भी सुख या गम का आगाज़,
रहता है यीशु हरदम हमारे साथ
छोड़ता ना वो कभी हमारा हाथ,
मेरे दिल से निकली हूँ ई स्तुति सिर्फ
यीशु के नाम ।
85. ख़ुदावन यीशु की करो आराधना
सच्चे दिल से करो उसकी उपासना,
है उसके शरण में शांति और आराम
आओ करे हम आत्मा में उस से प्रार्थना ।
86. दिया ख़ुदावन ने एक नया दिन
भरा नयी ताजगी से, नयी भरपूरी से,
आओ करे ख़ुदावन यीशु की स्तुति
नयी दीवानगी से ।
87. हो होंठों पर हर सुबह यीशु नाम
हो हर साँस में उसी का गुणगान,
सूरज के उगने से रात की समाप्ति तक
मेरी हर धडकनों पर हो यीशु नाम ।
88. सच्चाई और आत्मा से करो यीशु की आराधना
छोड़ो पापों की नैया, करो शैतान का सामना,
दिया है अनंत जीवन यीशु ने हमे
करो सच्चे दिल से उसकी उपासना ।
89. खुदा का कलाम कहता है
करो आत्मा और सच्चाई से आराधना
जो करते है उसकी आराधना
वह करते है हर एक मुसीबत का डट कर सामना ।
90. मेरे इन होंठों पर है नाम मसीहा का
मेरे हर साँस में है गीत मसीहा का,
कहा और मैं जाऊँ
ये जीवन है वरदान मसीहा का ।
91. चंगाई देता यीशु नाम
पाप से रिहाई देता यीशु नाम,
है यीशु के नाम में इतनी सामर्थ्य
मुश्किलों में पाए हम सुख शांति और आराम,
आये एक स्वर उठाकर
गूंजे हम यीशु नाम, यीशु नाम ।
92. जपते है जो यीशु नाम
पाते है वह उद्धार,
सांसो में बसा है जिसके यीशु नाम
उनकी ही नैया लगती है पार ।
93. करता है खुदा उनकी प्रशंसा
जो करते है सच्चाई से उसकी आराधना,
कहता है उन्हें अपने दिल का व्यक्ति
जो आत्मा से करते है उसकी उपासना ।
94. भज ले तू हर पल यीशु नाम
कर हर पल उसके ही गुणगान,
मायूसी को छोड़ अपने जीवन से
गा ले तू उसके गीत महान,
खुशियो से भर जायेगी तेरी जिन्दगी
पा ले तू उसका ज्ञान,
स्तुति के योग्य है वो राजा
नहीं है कोई उसके समान ।
95. मेरी रूह का मालिक है तू ए खुदा
तू ही है महान यीशु आ,
जीवन की राह है तू ए खुदा
तू ही है सच्चा रास्ता,
है तू सच्चा प्रकाश
अँधेरे में तू है उजियाला,
मेरे दिल में है बस तेरा ही नाम
तेरे ही आगे सजदा करूँ मैं खुदा ।
96. नजरे रेहती है खुदा की तेरे दिल पर
कब तू सही राह पर उसे लायेगा,
जब चले तेरा दिल गलत राह पर
खुद को तू खुदा से दूर पायेगा,
जब हो तेरा दिल खुदा-ए-कलाम के बा-कदर
तब तू जन्नत के दरवाजे में दाखिल हो पायेगा,
ईसा से रूबरू होकर
अजमत में तू उसके गीत गायेगा।
97. हे स्वर्गीय पिता
कम समझा मैंने तेरे प्यार को,
संयम और भरोसे को
हूँई खता माफ़ कर दे तू मुझको,
हूँ खड़ा तेरे दर पर मैं
दे मुझे सहारा की जान पाऊँ
तेरे असीमित प्यार को ।
98. हो जाओ तैयार ना जाने कब आ जाये वो पहर,
जब दूल्हा आये हमें लेने और ढूँढने निकले हम तेल इधर-उधर ।
99. जानता है यीशु तुझे तेरे नाम से
हाथ बढाये बुलाता है तुझे,
चाहे तेरे पाप क्यों ना हो कितने भी मैंले
उसे से शुद्ध करते अपनाता है तुझे ।
100. क्यूँ हो उजयाले में होकर भी अंधकार में
क्यों है दोहरी जिन्दगी यहाँ भी?
जब आयेगा यीशु लेने, तब होगा रोना बैठ के अपनी जिंदगी,
सुधार लो अपना जीवन
क्युकी कुछ ही समय बचा है अभी ।
101. खुदा की रहमतो को यूँ बर्बाद ना करो
उसके बलिदान को यूँ सहज ना लिया करो,
थी बहूँ त कीमती उसके लहू की हर एक बूंद
ऐसे उसके प्यार को यूँ ठुकराया ना करो ।
102. कहा घूम हो गयी वो मसीहियत
क्यों सो गए लोग
जब आएगा अंत समय
तब कहा ढूँढेगे स्वर्गलोक ।
103. है खड़ा वह दरवाजे पर दस्तक दे रहा
खोल अपने दिल का दरवाजा और अपना ले उसे जरा,
टूटे हूँ ए दिल को जोड़ वह हो रहा ए मनुष्य उस खुदा के सामने अपना हाथ तो बड़ा जरा ।
104. है यह शरीर खुदा का मंदिर
रखो इसे पाक,
जो करे इसे नापाक
खुदा करेगा उसका नाश,
जो रखे इस मंदिर को पाक
खुदा के राज्य में मिलेगा उनको स्थान ।
105. क्यों ढूँढ रहे हो मसीहा को यहाँ और वहाँ
तुम्हारा शरीर है उसके रहने की जगह,
है यह शरीर उसका पवित्र मंदिर
हर पल उसे पाओगे यहाँ ।
106. चाहा है मसीहा तूने हमे इतना
की सलीब पर दे दी तूने अपनी जान,
ख़रीदा हमे पापों का मूल्य चुकाकर
फिर भी अभिलाषा में फसा है इंसान ।
107. आयेगा वह समां जब करेगा इन्साफ ख़ुदावन यीशु
घास को जलाकर सोने की परख करेगा यीशु,
समय है अब भी फेरो अपने दिल को
न्याय के समय सच्चा न्याय करे यीशु ।
108. हो गया है अंत की शुरुवात का आगाज़
आयेगा मसीहा अपनी दुल्हन के पास,
फेरो अपने दिल को और हो जाओ तैयार
क्युकी जाना है उसके साथ ।
109. थे हम नापाक कर दिया यीशु ने हमे पाक
सलीब पर अपना खून बहाकर
कर दिया हमे आजाद,
ना करना फिर कभी पापों से दोस्ती
कहता है उसका कलाम ।
110. इस छोटे से जीवन में क्या तू कर पायेगा
जब ना थामे हाथ तू मसीहा का तो गिर जायेगा,
संभाल ले अपना जीवन तो कुछ तू कर गुजर जायेगा
मसीहा के साथ चलना तो जीवन संभल जायेगा ।
111. मिली है हमे आजादी मसीह के लहू से
यु ही इसे बर्बाद ना करना,
है वही एक रखवाला हमारा
उस से कभी अपना चेहरा ना फेरना ।
112. संसार से कर मित्रता जाओगे नरक के द्वार में,
कर मसीहा से मित्रता सदा स्थान पाओगे उसके स्वर्गीय राज्य में ।
113. खोया था अपना सबकुछ अय्यूब ने
फिर भी ना कोषा उसने खुदा को,
दर्दनाक मृत्यु का सामना किया मसीहा ने
फिर भी हमारी माफी के लिए पुकार लगायी खुदा को,
जाना है जिसने प्यार ख़ुदावन का
मुसीबत में उद्धार मिला है उसी को ।
114. करो माफ़ तो होंगे तुम्हारे पाप भी माफ़
कहता है ये खुदा का कलाम,
आयेगा जब यीशु न्याय के दिनों में
क्या रहोगे तुम तैयार?
दिल में लोगो के लिए घृणा लेकर
क्या पाओगे स्वर्ग में निवास?
115. हम है यीशु में नयी रचना
बीत गयी है पुरानी बात,
भूल जाओ अपने पापों को
पिछली बाते नहीं करता प्रभु याद,
पश्चाताप कर पाओ उसका अनुग्रह
अनंतकाल तक पाओगे उसका साथ ।
116. बिखरे भी निखर जाते है
जब वो यीशु को दिल से अपनाते है,
संसार के मोह को छोड़ वो स्वर्ग का राज्य पाते है।
117. ना जपो सिर्फ यीशु नाम
ना पहनो सिर्फ मसीही लिबास,
चलो उसके वचनो में भी
क्योंकि उसी के द्वारा होगा उद्धार।
118. धीरज जो रखता है
वही परमेश्वर के वचन को समझता है,
मुर्ख अपनी अस्थिरता के कारण
हर कही फिसलता है।
119. पसंद है लोगो को मक्खन जैसे वचन
जो उनके दिल को लुभाये,
जहाँ आये पश्च्याताप के कठोर वचन
वहाँ वो अपने चेहरे को छुपाये,
याद रखो मेरे दोस्तों
जो सिर्फ मसीह-मसीह आवाज लगाये
उनको कभी ना मसीह अपनाये,
जो पश्च्याताप कर उसके वचन को अपनाये
वो ही मसीह के संग स्वर्ग में प्रवेश कर पाये।
120. पश्च्याताप जो करता है
वो खुदवान के सिंहासन के नजदीक जाता है,
माफ़ कर उसके सारे पापों को
खुदा भी उसे अपने सीने से लगता है,
और जो करता है ढोंग पश्च्याताप का
वह नर्क में अपनी जगह बनाता है।
121. मन फिराकर पश्च्याताप जो करेगा
वो ही स्वर्ग के राज्य में प्रवेश पायेगा,
सिर्फ प्रभु-प्रभु बोलने वालो को स्वर्ग के राज्य से बहार धकेला जायेगा।
122. कम है समय अनुग्रह के दिन का
क्या होगा इस पल कौन जाने आज,
होगा आना मसीह का किस पल
ये ना मैं जानता हूँ ना आप,
क्या होगे हम नर्क के भागीदारी
या स्वर्ग में लगे सुख चैन की साँस,
ये इस बात पर निर्भर करता है
कितने हम चलते है वचनों के साथ।
123. है स्वर्ग खुशियो से भरा
और नर्क पीड़ाओं से भरा,
है स्वर्ग में सोने की चमक
वही नर्क है आग से भरा,
स्तुतियों का संगीत है स्वर्ग में
नर्क है दर्द भरी आवाजों से भरा,
यीशु के संग जीवन है स्वर्ग में
बिन यीशु ऐ मनुष्य तू है नर्क में पड़ा,
जान ले खुद को आज किस राह में तू है खड़ा।
124. ईसा ने कहा कलाम में आऊंगा तुम्हें लेने मैं एक दिन
रहना तुम सब तैयारी में,
कोई नहीं जानता वो पल कौन सा होगा
आऊंगा मैं अपनी सवारी में,
ले जाऊंगा साथ अपने स्वर्ग उन्हें
जो चले है मेरी आत्मा और सच्चाई में,
रूबरू होंगे वो खुदा के साथ
और अनंत जीवन पाएंगे उसके उजलाये में।
125. पीठ पीछे जो करे बुराई अपने ही भाई बहनों की
वो ना मसीही कहलायेगा,
दुष्टो के संग भागीदारी
भेड़ के खाल में छिपा भेड़िया कहलायेगा।
जो करे अपने भाई बहनों को माफ
वो ही विश्वसनीय कहलायेगा,
बुराई के बीज को हटाकर
जो बोये मसीह के प्यार का बीज
वो ही खुदा का सच्चा बन्दा कहलायेगा।
126. दो नैया में जो पैर रख कर चलेगा
वह जल्द ही अपने मुंह के बल गिरेगा,
जो ख़ुदावन यीशु के नैया पर बैठेगा
वह ही किनारे तक पहुँचेगा ।
127. प्रार्थना से जीत ना पाओगे
परमेश्वर की अनिच्छा को,
परन्तु प्रार्थना से
जान पाओगे परमेश्वर की इच्छा को,
और जब हम करें प्रार्थना और उपासना
देख पायेंगे उसके अद्भुत सामर्थ्य को ।
128. प्रार्थना करने वाले
ज़माने को बदलने की ताकत रखते है,
प्रार्थना में जो चलते है
वह शैतान की सत्ता हिला देते है ।
129. कहता है कलाम
प्रभु सुनता है पापियों की प्रार्थना
कहता है कलाम ये भी
प्रभु सुनता है धर्मियों की प्रार्थना
अरे यारो विचलित ना होना
जो करता है सच्चे दिल से प्रार्थना
प्रभु पूरा करता है उनकी मनोकामना ।
130. प्रार्थना जो करे वो शैतान से ना डरे
हर एक संकट को वो पार करे,
है यीशु के नाम में इतना दम
की उसके नाम की प्रार्थना से शैतान भी डरे ।
131. प्रार्थना में है वह बात ऐसा है वह राज़,
जो करे सच्चे दिल से प्रार्थना खुदा सुने उनकी फरियाद ।
132. प्रार्थना जाती है परमेश्वर के कानों तक
परन्तु आराधना जाती है उसके ह्रदय तक
अगर हम करे आत्मा और सच्चाई से आराधना और प्रार्थना
तो पाते है खुदा का साथ संसार के अंत के बाद तक ।
133. प्रार्थना करो लोगो के लिए
की हर एक दिल बदल जाये,
मांगो उस खुदा से हर चीज़
जो यीशु के नाम कर जाये,
प्रार्थना करो हर एक लोगो के लिए
उनकी आत्मिक आँखे खुल जाये,
मांगो उस खुदा से लोगो के लिए
की हर इन्सा बदल जाये,
दिया खुदा ने अपने इकलौते पुत्र को
ताकि हमारे पाप क्षमा किये जाये।
134. अँधेरी रातो से भयभीत ना होना
डर से अपना सुख चैन ना खोना,
होता है सवेरा हर एक रात के बाद
फिर किस बात से है डरना,
थामा है जब यीशु जी का हाथ
तो किस बात का है रोना ।
135. है खुदा का प्यार इतना महान
की उसे ना कोई कलम या जुबा बयान कर पायेगा
जाये वो सितारों से ऊँचा
चीरे वो नर्क की गहराई को
जिसके सामने दोषी भी रिहायत पायेगा,
दिया खुदा ने अपना एकलौता बेटा
जो उसपर विश्वास करेगा
वो अपने पापों से छुटकारा पायेगा ।
136. राहे तो बहूँ त दिखाई देती है
लेकिन हर एक राह सही नहीं होती है,
जो थामते है यीशु जी का हाथ
सच्चे राह की मालूमात उन्हें ही होती है ।
137. सवेरे के प्रकाश से पंखुड़ियाँ खिल जाती है जिस तरह
खुदा का पैगाम भी लाता है खुशियाली हर सुबह उसी तरह ।
138. मुश्किलों से भरे है सफ़र
कोई राह पर चलना आसान नहीं,
चलते है जो यीशु का हाथ थामे
उनके लिए कोई मंजिल मुश्कील नहीं ।
139. खुशियाँ हो आपके जीवन में
जैसा कहता है वचन,
ना डुबो शोक में
यीशु है तुम्हारे संग ।
140. चला जा रहा था मैं किधर
ना था होश ना खबर,
जिंदगी थी सुनी
जैसे एक बंजर कबर,
आकर यीशु ने इस जीवन में
लायी खुशियों की लहर,
चला हूँ अब उसके मार्ग पर
अब ना ही कोई चिंता है ना ही कोई डर ।
141. नम्र रहना सिखाता है
खुदा का कलाम हमें,
प्यार करना सिखाता है
खुदा का कलाम हमें,
जो रहते है प्यार और नम्रता से
वह दर्शाते है खुदा का स्वरूप इस दुनिया में ।
142. खुशियों में तो सब साथ होते है
दुःख में तो सिर्फ मसीहा साथ देता है,
जो करते है उसपर भरोसा
वो उनके गम को भी खुशियों में बदल देता है ।
143. पापों के सागर में मत उतरना तैर ना पाओगे,
डूब कर उसमे अपनी जिंदगी ख़त्म कर जाओगे,
उतरना है तो उतरो खुदा-ए-इश्क यीशु के समुन्दर में
जिसमे तैर के स्वर्ग राज्य में जाओगे ।
144. ना करो याद तुम्हारे पुराने पाप
कहता है खुदा का कलाम
कर दी हर एक बात नयी उसने
तो फिर क्यों लेके चलना है बोझ हजार,
देता है वह सामर्थ्य हमें
जिस से हम तोड़े शैतान का हर एक जाल ।
145. तुफानो के ऊपर उड़ना सीखो
समुन्दर की लहरों पर चलना सीखो,
जब भी पैर डगमगाये इस मुसीबत भरे सफ़र में
तो यीशु की और देखना सीखो ।
146. नहीं मायने कितने है उतार चढ़ाव
नहीं मायने कितने है चोंटे,
नहीं मायने है कितने है दर्द
नहीं मायने क्या है डर
बस मायने है तो क्रूस पर मेरा लक्ष्य ।
147. जो मसीहा के साथ चलते है
वह कभी टूटते नहीं,
जो उसके शरण में निवास करते है
वो कभी रूठते नहीं,
हिम्मत ऐसा देता है मसीहा हमें
की तुफानो पर भी चलने से हम डरते नहीं ।
148. जब है भरोसा तेरा मसीहा पर तू मिट ना पायेगा,
आये शस्त्र जो तुझे मिटाने वो हर एक बेअसर हो जायेगा,
हो जहां तू खड़ा यीशु के नाम से आंधी तूफान भी वहाँ थम जायेगा ।
149. कभी कर दे वह समुन्दर को लाल
कभी उसे वो दो भागों में बाट दे,
कभी वो खुद चले पानी पर
किसी तूफान की क्या हिम्मत जो उसे रोक दे,
निकलता है मेरा मसीहा जब कुछ गुजरने पर
शैतान भी उसके सामने से अपना रास्ता छोड़ दे ।
150. चंगाई देने वाला है वो यीशु
जिसके सामने कोई बीमारी ना टिक पाये,
मौत भी उसके नाम से थर-थर काँपें
और मुर्दे भी जीवित हो जाये ।
151. कोई शस्त्र तुझे मिटा ना पायेगा
कोई शेर तुझे छु भी ना पायेगा,
शत्रु आये चाहे कही से भी
यीशु के होते हूँ ए कोई तुझपर विजय ना पायेगा ।
152. है प्रतिभा तुम्हारे अन्दर
तो क्यों चुप बैठे तो तुम घर के अन्दर,
करो इस्तेमाल खुदा के दिए हूँ ए दान का
नहीं तो बन जायेंगे वो बंजर ।
153. अँधेरी रातो से भयभीत ना होना
डर से अपना सुख चैन ना खोना,
होता है सवेरा हर एक रात के बाद
फिर किस बात से है डरना,
थामा है जब यीशु जी का हाथ तो किस बात का है रोना ।
154. था गोलियत मुसीबत का पहाड़
जिस से डर के सब गए थे छुप,
आया एक खुदा का बंदा दाविद
जिसने कराया वो दानव को चुप ।
155. यु ना मंजिल से फिरो
कुछ सांसारिक वस्तुओं के लिए,
सच्ची राह को थामे रहो अनंतकाल के जीवन के लिए,
चाहे आये कितने भी मोह-माया सामने
यीशु के नाम से उसे चीरते चलिए ।
156. है अंदाज मेरे खुदा का निराला
कभी पानी को लाल तो कभी समुन्दर को दो हिस्सों में बाट डाला,
कभी चरवाहे को राजा तो कभी मुर्ख को बुद्धिमान बना डाला,
खुद इस धरती पर जन्म लेकर क्रूस उठाकर
शैतान की सारी सत्ता को हिला डाला ।
157. डर-डर के क्या जीना यारो
जब दिया है यीशु ने आज़ादी का जीवन,
पापों की नैया को छोड़ो
और पाओ मसीहा में अनंतकाल का जीवन ।
158. बुझ जाये ऐसी आग नहीं है वह
मिटा दे उसे कोई वो शख्स नहीं है वह,
राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु खुदावंद यीशु है वह ।
159. यीशु है ऐसा दोस्त
दुश्मनों के जो उड़ा दे होश,
प्यार से मिटा दे सबके दोष
मुश्किल समय में भी जो बढाये हमारा जोश ।
160. खुदा होकर यीशु इस जहाँ का
कहता है दोस्त हमे वह,
सुख दुःख में साथ हमेशा रहता है वह
चाहे छोड़ दे ये जमाना हमको
कभी ना छोड़ता साथ हमारा वह ।
